Tuesday, July 23, 2024
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अमृत-​​काल बजट 2023-24

अमृत-​​काल बजट 2023-24, अगले साल के आम चुनावों से पहले नरेंद्र मोदी सरकार का आखिरी पूर्ण बजट, 1 फरवरी को एफ. एम. निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत किया गया। बजट सत्र की शुरुआत 31 जनवरी को आर्थिक सर्वेक्षण पेश करने के साथ हुई। बजट तैयार करने का औपचारिक कार्य 10 अक्टूबर 2022 को शुरू हुआ। बजट में व्यक्तिगत इनकम टैक्स छूट की सीमा में बढ़ोतरी और छोटी सेविंग के लिए इंसेंटिव की घोषणा की गई।

निर्मला सीतारमण का पांचवां स्ट्रेट बजट, पूंजीगत खर्चे के विस्तार पर ध्यान देने, टैक्स घोषणाओं और टैक्स स्लैब में बदलाव के साथ अर्थव्यवस्था के लिए एक राहत के रूप में आता है। वित्त मंत्री ने अपने बजट भाषण में कहा, “महामारी के कारण वैश्विक मंदी के बावजूद, इस वर्ष की आर्थिक वृद्धि 7% रहने का अनुमान है, जो सभी प्रमुख वैश्विक अर्थव्यवस्थाओं में सबसे अधिक है।”

स्वास्थ्य

शिक्षा आधारभूत संरचना कृषि

फार्मास्यूटिकल्स में रिसर्च और इनोवाशन को बढ़ावा देने के लिए एक नया कार्यक्रम शुरू किया जाएगा, जो एक्सीलेंस केंद्रों के माध्यम से किया जाएगा।

गुणवत्तापूर्ण पुस्तकों को सुविधाजनक बनाने के लिए युवाओं और बच्चों के लिए एक राष्ट्रीय डिजिटल पुस्तकालय स्थापित किया जाएगा। केपेक्स परिव्यय में 33.4% की वृद्धि के साथ 10 लाख करोड़ रुपये है, जो कि सकल घरेलू उत्पाद का 3.3% होगा।

ग्रामीण क्षेत्रों में युवा उद्यमियों द्वारा कृषि स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए एक कृषि बढ़ोतरी फण्ड स्थापित किया जाएगा।

सरकार 2047 तक एनीमिया खत्म करने के लिए सिकल सेल एनीमिया मिशन शुरू करेगी।

प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना 4.0 तीन साल के भीतर युवाओं को कौशल प्रदान करने के लिए शुरू की जाएगी।

टीयर 3 और टीयर 2 शहरों में शहरी बुनियादी ढांचा तैयार करने के लिए अर्बन इन्फ्रा डेवलपमेंट फंड के लिए 10,000 करोड़ रुपये का निवेश परिव्यय प्रदान किया गया है। पीएम आवास योजना का परिव्यय 66% बढ़ाकर 79,000 करोड़ रुपये कर दिया गया है।

2,200 करोड़ रुपये के परिव्यय के साथ उच्च मूल्य वाली बागवानी फसलों के लिए गुणवत्ता और रोग मुक्त रोपण सामग्री की उपलब्धता को बढ़ावा देने के लिए एक आत्मनिर्भर स्वच्छ कृषि कार्यक्रम शुरू किया जाएगा।

सरकार 2047 तक एनीमिया खत्म करने के लिए सिकल सेल एनीमिया मिशन शुरू करेगी।

सरकार 740 एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों के लिए 38,800 शिक्षकों और सहायक कर्मचारियों की भर्ती करेगी। प्रधान मंत्री पी. वी. टी.जी. विकास मिशन पी.वी.टी.जी. आवासों और परिवारों को बुनियादी सुविधाओं से परिपूर्ण करने के लिए शुरू किया जाएगा।

कृषि ऋण लक्ष्य को बढ़ाकर 20 लाख रुपये किया गया है।

सहयोगी अनुसंधान और नवाचार को प्रोत्साहित करने के लिए निजी और सार्वजनिक मेडिकल कॉलेज की फैकल्टी और अनुसंधान एवं विकास टीमों द्वारा अनुसंधान के लिए चुनिंदा आई. सी. एम. आर. लैब्स में सुविधाएं उपलब्ध होंगी। स्किल बढाने के डिजिटल इकोसिस्टम का विस्तार  एक एकीकृत स्किल इंडिया डिजिटल प्लेटफॉर्म लॉन्च करके किया जाएगा। अपर भद्र परियोजना को 5,300 करोड़ रुपये की केंद्रीय सहायता दी जाएगी।

भारतीय बाजरा अनुसंधान संस्थान, हैदराबाद, भारत को ‘श्री अन्न’ के लिए एक वैश्विक केंद्र बनाने के लिए उत्कृष्ट केंद्र होगा

 

रक्षा

रेलवे ऊर्जा

उत्पादन

रक्षा सेवाओं में लगभग 13% की बढ़ोतरी हुई, रक्षा क्षेत्र को 5.94 लाख करोड़ रुपये आवंटित किए गए थे।

भारतीय रेलवे को केंद्रीय बजट 2023-24 में 2.4 लाख करोड़ रुपये का पूंजी खर्च आवंटित किया गया है। यह राष्ट्रीय ट्रांसपोर्टर को अब तक का सर्वाधिक आवंटन है नवीकरणीय ऊर्जा, हरित ऊर्जा, बायोमास और ऊर्जा संक्रमण पर अधिक जोर देने के लिए 19,700 करोड़ रुपये का बजट प्राप्त हुआ।

सी. आर. जी. ओ. स्टील, लौह स्क्रैप और निक्कल कैथोड के निर्माण के लिए कच्चे माल पर बुनियादी सीमा शुल्क से छूट जारी रखी है।

सेनाओं का पेंशन बजट बढ़ाकर 1.38 लाख करोड़ रुपये किया गया है।

वित्त वर्ष 2023 में 98.22% के नए अनुपात की तुलना में, रेलवे इस वित्तीय वर्ष के लिए 98.45% के परिचालन अनुपात को लक्षित कर रहा है। प्राकृतिक खेती की सुविधा के लिए 10,000 जैव-इनपुट संसाधन केंद्र स्थापित किए जाएंगे।

टीवी निर्माण को बढ़ावा देने के लिए टीवी के कुछ पुर्जों पर सीमा शुल्क घटाया गया, जबकि यह उपभोक्ताओं के लिए कम खर्चीला बना।

आधुनिकीकरण के बजट को भी बढ़ाकर 1.62 लाख करोड़ रुपये कर दिया गया है, जिसका इस्तेमाल भारतीय फर्मों से हथियार प्रणालियों और उपकरणों के अधिग्रहण के लिए किया जाता है।

यात्री, माल, विविध, अन्य प्रमुखों और रेलवे भर्ती बोर्डों से रेलवे की कुल प्राप्तियां वित्त वर्ष 24 के दौरान 2.65 ट्रिलियन रुपये आंकी गई हैं, जबकि वित्त वर्ष 2023 में 2.43 ट्रिलियन रुपये का संशोधित अनुमान था पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय द्वारा ऊर्जा सुरक्षा और ऊर्जा संक्रमण की दिशा में प्राथमिकता वाले पूंजी निवेश के लिए 35,000 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए इलेक्ट्रिक किचन चिमनियों पर बेसिक कस्टम ड्यूटी बढ़ाकर 15 फीसदी की जा रही है।

 

अमृत-​​काल बजट 2023-24 में पर्यटन को चार “प्रमुख अवसरों” में से एक के रूप में सूचीबद्ध किया गया है जो ‘अमृत काल’ के दौरान परिवर्तनकारी हो सकता है। वित्त मंत्री ने कहा, “पर्यटन में बड़ी संभावनाएं हैं, और इस क्षेत्र में नौकरियों और व्यवसायों के ” भारी अवसर ” हैं, खासकर युवाओं के लिए।“ बजट में फिनटेक और एम. एस. एम. ई. के लिए डिजिलॉकर इंटीग्रेशन को बढ़ाने की भी घोषणा की गई है। यह, 5G के साथ मिलकर, भारत को डिजी-फर्स्ट राष्ट्र के रूप में उन्नत करेगा।

2023 के बजट का उद्देश्य एक संतुलन स्थापित कर के अर्थव्यवस्था को आने वाले चुनौतीपूर्ण समय के लिए तैयार करना है। अमृत-​​काल बजट 2023-24 में सरकार द्वारा की गई पहल देश के लिए एक मजबूत आर्थिक दृष्टिकोण का रास्ता साफ़ होगा। इस वर्ष के केंद्रीय बजट का मुख्य अंश देश के सस्टेनेबल डेवलपमेंट पर ध्यान देना है। कृषि, स्वास्थ्य सेवा और लघु एवं मध्यम उद्योग पर ध्यान सराहनीय है। डेटा गवर्नेंस पॉलिसी पर ध्यान देने के साथ बजट एक नए डिजिटल युग की शुरुआत करने में अहम् भूमिका अदा करेगा।

 

Read the article in English: The Amrit Kaal Budget 2023-2024

 

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